परदेस में हम छठिया मनाइले साथी-संघातियाके संग मनवा भूलाइले बाँकी याद आवे गउवाके छठी घाट और पोखरिया अब त् बोलाइली हे छठी माइ हमके अपन दुवरिया। |१| रही-रही भुखे दिने-दुपहरिया करेली चाची-माइ राउरे पबनिया याद आवे खर्नाके खिर और पुरिया अब त् बोलाइली हे छठी माइ हमके अपन दुवरिया। |२| मुडवा पर रखिके अरघके…